Friday, December 4, 2020

दुकानों से कपड़ों की कटपीस इकठ्ठा कर 87 वर्षीय जोशी अंकल थैला सिलते हैं और उसे 40-60 रुपये में बेचते हैं

दुनिया प्रेरणादायी लोगों से भरी है, हर दिन हमें ऐसे अनेकों लोग मिल जाएंगे जो अपने अथक प्रयास से आत्मनिर्भरता का मिशाल बन रहे हैं।

कुछ दिनों पहले दिल्ली में बाबा की ढाबा को लोगों से सोशल मीडिया के जरिये प्रभावशाली बना दिया, लेकिन कहानी वहीं खत्म नही होती। दुनिया मे ऐसे ही अनेकों लोग हैं जो अपनी अभेद्य मेहनत से खुद की तकदीर बदल रहे हैं।

जोशी अंकल मुम्बई वाले

87 वर्षीय जोशी अंकल की कहानी आपके जहन में जोश भरने के लिए काफी होगी। अपनी लाचार अवस्था को मात देते हुए जोशी अंकल खुद की मेहनत से अपना पेट भरते हैं।

पुराने कपड़ों से सिलते हैं थैला
जोशी अंकल(Joshi Uncle) शहर के दर्जियों के दुकानों में घूमकर कपड़ो के टुकड़ों को इकठ्ठा करते हैं और उससे खुद थैला सिलते हैं। अपने थैलों को ये 40-60 रुपये में बेचकर अपना खर्च चलाते हैं!

जोशी अंकल मुम्बई के Phakede road Dombivali में घूमकर थैला बेचते हैं, अगर मौका मिले तो इनसे मिलकर एक थैला जरूर खरीदें।

आप इस नम्बर पर जोशी अंकल से सम्पर्क कर सकते हैं – 8291036120

Prakash Pandey
Prakash Pandey is an enthusiastic personality . He personally believes to change the scenario of world through education. Coming from a remote village of Bihar , he loves stories of rural India. He believes , story can bring a positive impact on any human being , thus he puts tremendous effort to bring positivity through logically.

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