Monday, November 30, 2020

अपना घर सम्भालने के साथ ही करती हैं मशरूम की खेती, बैग में मशरूम उगाकर 25-30 हज़ार महीने का कमाती हैं

यूं तो कई किसानी बहुत समय से कर रहे हैं लेकिन वर्तमान में कई लोग शौक से भी खेती कार्य से जुड़ रहे हैं। अपने शौक को व्यवसाय का रूप देकर उससे अच्छी-खासी कमाई भी कर रहे हैं। बीते जमाने में लोग मजबूरी में खेती करते थे। घर-परिवार चलाने के लिए लोग कृषि का जरिया अपनाते थे। ऐसी ही कहानी है बिहार के रोहतास के संगीता की, जिसने अपने घर-परिवार को चलाने के लिए खेती कार्य करने लगी। वर्तामान में संगीता मशरुम से घर बैठे महीने में 25 से 30 हजार रुपये की कमाई कर रही हैं। आइए जानते हैं उनके द्वारा की जा रही कृषि के बारे में…

mushroom farming

संगीता (Sangita) बिहार (Bihar) के रोहतास की रहने वाली हैं। उनके जीवन में एक समय ऐसा आया जब परिवार की आय का आधार रेडीमेड की दुकान थी जो टूट गई। आय का जरिया खत्म हो जाने की वजह से उनको पैसे की समस्या सामने आ गई। बच्चे पढ़-लिख रहे थे। संगीता की आर्थिक स्थिति एक वक्त ऐसी हो गई कि बेटी को इंजीनियरिंग पढ़ाने के लिए उन्हें अपने गहने बेचने पड़े। लेकिन कहा जाता है न “डूबते हुए को तिनके का सहारा”। संगीता को भी अपनी समस्याओं से निपटने के लिए राह मिल गई। वर्ष 2012 में अखबार पढ़ते समय संगीता को मशरुम उत्पादन के लिए प्रशिक्षण के बारे में जानकारी मिली। घर-परिवार को संवारना बेहद आवश्यक भी था। इसी ख्याल से संगीता ने मशरुम उत्पादन की ओर अपना कदम बढ़ाया। परिवार के लिए कुछ करने के जुनून और जज्बे ने संगीता को कृषि अनुसंधान केंद्र तक ले गया।

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संगीता ने बताया कि मशरुम उत्पादन का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद केवल 30 बैग मशरुम लगाकर खेती आरंभ किया। इससे मुनाफा अच्छा होने की वजह से संख्या में बढोतरी होते गई। वर्तामान में संगीता 500 से अधिक बैग में मशरुम लगाती हैं। इससे उन्हें प्रत्येक माह 25 से 30 हजार रुपये की आमदनी होती है। आपको बता दें कि कृषि अनुसंधान केद्र के सहयोग से संगीता लड्डू, आचार और पापड़ भी बना रही हैं।

देखें वीडियो

संगीता स्वयं आगे बढ़कर अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने में सहयोग किया है। संगीता ने ग्रामीण औरतों के साथ मिलकर एक ग्रुप बनाया है। उस ग्रुप में 20 से अधिक संख्या में महिलाएं सम्मिलित हैं। संगीता द्वारा बनाए इस ग्रूप में महिलाएं आचार, मुरब्बा और मिठाई आदि बनाकर बेचती हैं। इस समूह की प्रत्येक महिला हर माह 12 से 18 हजार रुपये की आमदनी कमा रही है। सभी अपने पैरों पर खड़ी होने के रास्ते पर चल रही हैं।

The Logically संगीता द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करने के लिए उनकी बेहद प्रशंसा करता है।

Shikha Singh
Shikha is a multi dimensional personality. She is currently pursuing her BCA degree. She wants to bring unheard stories of social heroes in front of the world through her articles.

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