Thursday, August 18, 2022

महिलाओं के सहभागिता को बढाने के लिए पंजाब सरकार ने स्टेट सिविल सर्विसेज में 33% का आरक्षण निर्धारित किया

हमारे देश में आज महिलाओं की सामाजिक स्वतंत्रता क्षेत्रों के हिसाब से अलग-अलग है। प्रदेश की सरकारें महिलाओं को आरक्षण या विभिन्न प्रयासों के माध्यम से उनकी भागीदारी और आजादी तय कर रही हैं। उसी क्रम में पंजाब सरकार ने बुधवार को पंजाब सिविल सेवा, बोर्ड और निगमों के लिए भर्ती में महिलाओं को 33 % आरक्षण की मंजूरी दी है। सिविल सेवाओं (Civil Services) में महिलाओं की अधिक भर्ती महिला सशक्तीकरण का उद्देश्य है।

राज्य मंत्रिमंडल ने पंजाब सिविल सेवा नियम, 2020 को मंजूरी दे दी, ताकि महिलाओं को सरकारी नौकरियों के साथ-साथ ग्रेड ए, बी, सी और डी पदों में बोर्ड और निगमों में सीधी भर्ती के लिए आरक्षण प्रदान किया जा सके। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पंजाब मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब राज्य सतर्कता आयोग अध्यादेश’ 2020 को बदलने के लिए एक विधेयक को भी मंजूरी दी जाए, जिसे अगले विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। इस कदम को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) के दृष्टिकोण के अनुरूप देखा गया है, जिन्होंने 2006 में एक समान आयोग का गठन भी किया था। 2007 में Akalis के सत्ता में आने पर उन्होंने आयोग को हटा दिया।

सतर्कता ब्यूरो और राज्य सरकार के सभी विभागों के कामकाज की निगरानी के लिए आयोग को एक स्वतंत्र निकाय के रूप में स्थापित किया गया था।  इसके पीछे मुख्य उद्देश्य निष्पक्ष और पारदर्शी प्रशासन प्रदान करना था। पंजाब राज्य सतर्कता आयोग सतर्कता ब्यूरो द्वारा संचालित जांच की प्रगति और सरकार के विभिन्न अन्य विभागों के साथ अभियोजन स्वीकृति के मामलों की समीक्षा करेगा। इसमें किसी भी जांच के बारे में पूछताछ करने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपों के संबंध में और लोक सेवकों के खिलाफ अन्य संबंधित अपराधों के लिए बनाई गई है।

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इसके अलावा डॉ. बीआर अंबेडकर एससी पोस्ट से मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना भी शुरू की जाएगी। यह शैक्षणिक सत्र 2021-22 से प्रभावी होगा। यह नई योजना एससी छात्रों को सरकारी और निजी संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करेगी।