Saturday, December 3, 2022

ग्रो बैग्स के इस्तेमाल से जुड़ी इन बातों को अवश्य जान लें, होगा फायदा: महत्वपूर्ण जानकारी

विज्ञान के लगातार विस्तार होते इस युग में खेती के तौर-तरीके भी बदल रहे हैं। पहले जिस तरह परंपरागत खेती की जाती थी आज उससे इतर अलग-अलग ढंग से खेती की जा रही है। जहां एक ओर जिन लोगों के पास जमीन है वह विभिन्न किस्मों को लगाकर तथा नई-नई तकनीकों का प्रयोग कर बेहतर उत्पादन कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर जिन लोगों के पास जमीन नहीं है वह घर की छत पर खेती कर रहे हैं।

वह घर की छत पर मिट्टी का बेड बनाकर तथा ग्रो बैग के इस्तेमाल से बेहतर उत्पादन कर रहे हैं। यदि आप भी ग्रो बैग के इस्तेमाल से खेती करते हैं तो आपके लिए कई बातों का ध्यान रखना आवश्यक होता है। आज हम ग्रो बैग में खेती करने के महत्वपूर्ण बिंदुओं की चर्चा करने वाले हैं।

ग्रो बैग मजबूत होता है, जिससे आप सालों साल तक इसका प्रयोग कर सकते हैं। विभिन्न प्रकार के मिट्टी एवं प्लास्टिक के गमले की जगह आप ग्रुप का इस्तेमाल कर खेती आसानी से कर सकते हैं। ग्रुप एक्स हाई डेंसिटी पॉलीएथिलीन या फैब्रिक मैटेरियल के बने हुए होते हैं जिसके कारण यह पोर्टेबल, वॉशेबल एवं हल्के होते हैं। इस बैग में आप विभिन्न तरह के फल एवं सब्जियों को आसानी से उगा सकते हैं।

यह भी पढ़ें:-टेक्सटाइल डिजाइनर की नौकरी छोड़ महिला ने शुरु किया सब्जी की खेती, अब कमा रही है अच्छी आमदनी

गमले की अपेक्षा ग्रो बैग इसलिए बेहतर है कि गमले वक्त बे वक्त टूटते रहते हैं साथ ही यह बजनी भी होते हैं। जबकि ग्रो बैग बहुत हल्के होते हैं तथा इसमें मौजूद महीन छिद्र हवा प्रूनिंग को बढ़ावा देते हैं, जिससे कि रूट बाउंड नहीं होता है। ग्रो बैग के इस्तेमाल करते वक्त एक चीज का हमेशा ध्यान रखें कि आप जिस फसल को लगा रहे हैं उस फसल के विकास और विस्तार के अनुसार ही ग्रो बैग का इस्तेमाल करें। इससे आपके ग्रो बैग पर होने वाली कॉस्टिंग भी कॉमेडी और फसल का बेहतर विस्तार भी होगा।

जैसा कि हम पहले बता चुके हैं कि ग्रो बैग में आप कई तरह की सब्जियां और फल उगा सकते हैं। सब्जियां और फल का विकास ग्रो बैग में भी बेहतर होता है। ग्रो बैग चूकी मूवेबल होता है तो आप इसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले आ-जा सकते हैं। आप अपने फसल के अनुसार इसे धूप या छांव दोनों जगहों पर रख सकते हैं।

Know important facts about grow bags
ग्रो बैग (grow bag)

एक बात जो सबसे ज्यादा जरूरी है कि ग्रो बैग में किस प्रकार की मिट्टी का प्रयोग किया जाए आपको बता दें कि इसमें दोमट मिट्टी का प्रयोग सबसे बेहतर माना गया है। ऐसी मिट्टी हो जिससे कि जल निकासी की समस्या आसानी से हल हो जाए। मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए 40% मिट्टी के साथ 40% गोबर का खाद, 10% रेत एवं 10% नीम खली का प्रयोग कर सकते हैं। ग्रो बैग में मिट्टी भरते समय हमेशा ध्यान रखें कि ग्रो बैग को हल्का खाली ही छोड़ा जाए।

यूं तो ग्रो बैग में हर तरह के फर्टिलाइजर का उपयोग किया जा सकता है। चाहे वह लिक्विड हो, सॉलि़ड हो या पाउडर में हो। यदि ग्रुप बैग में मिट्टी के बाद सिंचाई की बात करें तो इसमें तब तक सिंचाई करते रहे जब तक कि होल से पानी बाहर ना निकलने लगे यार रिसने लगे।

यह भी पढ़ें:-कभी जीता था मिस गोरखपुर का खिताब, अब मॉडलिंग छोड़ चाय बेच रही हैं सिमरन: Model Chaiwali

ग्रो बैक के कुछ अहम खासियत यह है कि इसे किसी भी जगह उपयोग में लाया जा सकता है। इसमें पहले से ही ड्रेनेज होल बना होता है इसे कहीं भी एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाया जा सकता है। कुल मिलाकर देखें तो यह गमले से भी ज्यादा किफायती होता है और इसमें सब्जियां फल एवं किसी तरह का उत्पाद लगाना आसान होता है।

ग्रो बैग अलग-अलग प्रकार के होते हैं जिसमें मुख्यत: हाई डेंसिटी पॉलीएथिलीन, जूट एवं फैब्रिक ग्रो बैक एवं आयताकार आकार वाले ग्रो बैग होते हैं। जब आप इसमें फल के पौधे लगाते हैं तो कुछ महीनों के बाद फल के पौधों को सहारे की जरूरत होती है। ऐसे में आप इन ग्रो बैग में आसानी से पौधों को सहारा दे सकते हैं। यह ग्रुप एक्स वॉशेबल भी होते हैं जिससे आप समय-समय पर धो भी सकते हैं।