Saturday, December 3, 2022

बिना मिट्टी वाली हाइड्रोपोनिक खेती के तरीके और उसके फायदों को जानें

आजकल किसान अपने परंपरागत खेती को छोड़कर नए तरीके से खेती कर रहे हैं जिससे उन्हें कम लागत में अच्छा मुनाफा मिल रहा है। बुजुर्ग लोगों से ज्यादा युवा लोग खेती के लिए आकर्षित हो रहे हैं और तरह-तरह के रिसर्च करके खेती कर रहे हैं। आज खेती से किसान अपनी आय काफी तेजी से बढ़ा रहे हैं। हम आपको अपने लेख के जरिए बताएंगे कि बिना मिट्टी के हाइड्रोपोनिक फार्मिंग क्या है और इस खेती को करने से किसान को क्या-क्या फायदा मिल सकता है।

• हाइड्रोपोनिक फार्मिंग (Hydroponic Farming)

हाइड्रोपोनिक खेती एक ऐसी खेती है जिसके लिए ना तो जलवायु, मौसम और मिट्टी के बारे में सोचना पड़ता है। इसकी खेती किसान कहीं पर भी आसानी से कर सकते हैं। सबसे खास बात यह है कि हाइड्रोपोनिक खेती करने के लिए ज्यादा जगह की जरुरत नहीं होती है। किसान कम जगह में इसकी खेती करके लाखों रुपए की आमदनी कर सकते हैं। हाइड्रोपोनिक तरीके से खेती किसान अपने गार्डन या फिर घर के छत पर भी आसानी से कर सकते हैं परंतु ध्यान रहे इस खेती की शुरुआत करने से पहले इसकी बेसिक नॉलेज लेना अत्यंत आवश्यक है।

विश्व भर में जनसंख्या धीरे-धीरे बढ़ती ही जा रही है जिसकी वजह से खेती करने के लिए जगह कम होती जा रही है। ऐसे में हाइड्रोपोनिक तरीके से खेती करना काफी बेहतर होता है और कम जगह तथा कम लागत में बेहतर मुनाफा मिलता है। आजकल के युवा हाइड्रोपोनिक खेती के तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं और इस तकनीक से महीने का लाखों रुपए की कमाई कर रहे हैं। आईए जानते हैं हाइड्रोपोनिक खेती करने से किसान को क्या-क्या फायदा हो सकता है।

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1. आप लोगों ने देखा होगा कि जब किसान अपने खेतों में फसल बोते हैं तो उसमें कई तरह के किट लग जाते हैं जिससे फसल का काफी नुकसान होता है परंतु हाइड्रोपोनिक तरीके से खेती करने से फसल में ना तो किट लगते हैं और ना ही फसल में किसी भी प्रकार का कोई रोग होता है और तो और फसल का कोई नुकसान भी नहीं होता है।

2. खेती करने के लिए सबसे जरुरी चीज होती है फसल को पटाना जिसने ज्यादा से ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है। किसान एक ही फसल को दो से तीन बार पटाते है जिसने पानी की बर्बादी काफी ज्यादा होती है परंतु हाइड्रोपोनिक तकनीक एक ऐसी तकनीक है जिसमें फसलों को पटाने में पानी की बर्बादी बिल्कुल नहीं होती इस तकनीक से पानी का बचाव अधिक होता है।

3. किसान हाइड्रोपोनिक तरीके से सब्जी उगाना चाह रहे हैं तो इसमें सब्जियों की क्वालिटी काफी अच्छी होती है और इससे खाने से शरीर में किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होता है अगर किसान हाइड्रोपोनिक तकनीक किधर यह सब्जी उगा कर बजारों मैं बेच रहे हैं तो लोगों को काफी अच्छी क्वालिटी की सब्जी खाने को मिल रही है।

4. परंपरागत खेती से किसान मौसम के अनुसार अपना फसल उगाते हैं परंतु हाइड्रोपोनिक तकनीक एक ऐसी तकनीक है जिसे किसान सालों भर फसल उगा सकते हैं। इस तकनीक से खेती करने के लिए किसी मौसम की जरूरत नहीं होती सालों भर फसल उगा कर इससे बेहतर कमाई कर सकते हैं।

5. किसान जब अपने खेतों में फसल बोते हैं और फसल में वृद्धि होने लगती है तो सबसे ज्यादा डर जानवरों से होता है क्योंकि जानवर खेतों में घुसकर फसल को बर्बाद कर देते हैं जिससे किसान को काफी नुकसान सहना पड़ता है लेकिन हाइड्रोपोनिक तरीके से खेती करने से इसमें जानवरों का डर नहीं होता है। इस तकनीक से खेती करने पर जानवर यहां तक नहीं पहुंच पाते हैं जिसके कारण फसल का नुकसान बिल्कुल भी नहीं होता है।

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6. पारंपरिक खेती में फसलों का नुकसान मौसम के कारण भी होता है। अगर बारिश ज्यादा हो जाए या फिर गर्मी ज्यादा हो जाए तो ऐसे में फसल गल या जलने लगते हैं। इस फसल का काफी नुकसान होता है इस सब समस्या से बचने के लिए हाइड्रोपोनिक खेती काफी बेहतर है इस तकनीक में फसल का नुकसान नहीं होता है।

7. आज पूरे विश्व भर में जनसंख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है जिससे खेती करने के लिए जगह में कमी आती जा रही हैं और अनाज भी कम उपज रहे हैं। ऐसे में हाइड्रोपोनिक खेती काफी बेहतर तकनीक है इसमें ज्यादा जगह की जरुरत नहीं होती है, कम जगह में खेती आसानी से कर के बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं।

हमने अपने लेख के जरिए हाइड्रोपोनिक खेती के बारे में बताया है और इससे होने वाले फायदे के भी बारे में। हाइड्रोपोनिक तकनीक एक ऐसी तकनीक है जिसने कम लागत और कम जगह में किसान अपनी आय दुगनी-तिगुनी कर सकते हैं।