Saturday, July 31, 2021

NIT के छात्र ने कॉलेज में मुहिम चलाकर इकठ्ठा किया पैसा और बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहे हैं: संकल्प

कहते हैं बच्चे हमारे देश के भविष्य के नींव होते हैं और युवा पीढ़ी देश का भविष्य। लेकिन हमारे बीच हीं कई ऐसे बच्चे या युवा पीढ़ी के लोग हैं जो अपना और देश का भविष्य बनाने के साथ-साथ अपने देश और आस-पड़ोस के लोगों का वर्तमान भी अच्छा बना रहे। वर्ष 2020 में सभी को किसी ना किसी तरह आर्थिक तकलीफ का सामना करना हीं पड़ा है। एक तरफ कोरोना का कहर तो वहीं दूसरी तरफ प्राकृतिक आपदा- कभी बारिश, कभी भूकंप, तो कभी बाढ़। एक तरफ कई लोगों की नौकरी इस महामारी के दौरान गई तो वहीं, बाढ़ ने फसलों का नुकसान किया। ऐसे में जिसके आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा कमजोर है, उन्हें अपना पेट भरने के बारे में भी सोचना पड़ रहा। लेकिन हमारी युवा पीढ़ी भी इस कोशिश में लगी है कि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद कर सकें।

उनमें से हीं एक है उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले विकास। जिन्होंने महामारी में तो लोगों की मदद की हीं, साथ ही साथ बाढ़ पीड़ितों की भी काफी मदद की। विकास कुमार NIT हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश में बीटेक तृतीय वर्ष (B.Tech final year) के छात्र हैं। और छात्रों को अपनी पढ़ाई के दौरान खर्च के लिए पैसे भी एक सीमा में ही मिलते हैं। फिर भी उन्होंने उस खर्च में से भी कुछ पैसे समाज सेवा के लिए बचाए और लॉकडाउन और बाढ़ दोनों समय में गरीबों की मदद की।

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विकास बताते हैं कि वे रूरल एरिया से हैं। वहां के बच्चों का बाहर निकल किसी अच्छे जगह पर जाकर पढ़ना बड़ी बात होती है। क्योंकि वो जगह इतनी विकसित नहीं है। वहां के लोग जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है उन्हें भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यही सारी चीजों को देखते हुए विकास ने उन लोगों की यथासंभव मदद करने की सोची।

उन्होंने खुद तो इसके लिए पैसे इकट्ठे किए हीं, साथ हीं अपने कॉलेज के लोगों को भी यह बात बताई और पूरे कॉलेज यानी विकास की जूनियर, सीनियर क्लासमेट, टीचर सब ने मिलकर डोनेशन इकट्ठा किया और बाढ़ के समय लोगों तक राशन पहुंचाया। उन्होंने बिहार के गोपालगंज और यूपी के भी कुछ जिले जहां बाढ़ की स्थिति थी वहां राशन के पैकेट पहुंचाए। वैसे जगह जहां बाढ़ के कारण स्थिति बहुत ज्यादा खराब थी, वहां भोजन पका कर पहुंचाया। उन्होंने साढ़े तीन सौ परिवारों तक 4-6 दिनों का राशन पहुंचाया।

विकास बताते हैं कि गांव तक तो वे नाव से पहुंच जाते लेकिन गांव के अंदर तक पानी में पैदल चल कर जाना पड़ता। लोगों तक का राशन या पका हुआ भोजन पहुंचाने के लिए। लॉकडाउन से लेकर बाढ़ तक उन्होंने अपने कॉलेज के द्वारा लगभग दो लाख तक के डोनेशन इकट्ठा कर लोगों की मदद की। विकास के 6-7 दोस्त और भी हैं जो उनका इस काम में पूरा सहयोग करते हैं।

विकास ने फेसबुक इंस्टाग्राम पर “संकल्प” नाम का एक पेज भी बना रखा है और उनका कहना है कि हम हर जगह तो नहीं जा सकते लेकिन कुछ और जगह के लोग इस पेज के ज़रिए हम से प्रभावित होकर, हमसे जुड़ कर वहां के लोगों तक अपनी मदद पहुंचा सकते हैं। विकास इस एक छात्र होते हुए भी बहुत सराहनीय कार्य कर रहे हैं और उम्मीद है इनसे कई लोग प्रभावित भी हों।